Bistar ke Neeche ka Dosh!

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Unabridged

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रात की खामोशी में जब रोहन ने हल्की-सी सरसराहट सुनी,तो उसे लगा यह उसका वहम है… पर सच यह था कि उसके बिस्तर के नीचे कोई और था।

कोई, जो इंसान नहीं था…कोई, जो कुछ खो चुका था...उसे ढूँढने आया था इस दुनिया में।

रात के सन्नाटे में जब रोहन ने बिस्तर के नीचे हल्की-सी सरसराहट सुनी, तो उसकी धड़कनें कानों में गूंजने लगीं। शायद हवा होगी… या फिर उसका वहम।

लेकिन वहीँ, अंधेरे की तह से किसी ने उसकी ओर देखा।

बस एक उपस्थिति। वो कुछ ढूँढ रहा था, जैसे इस दुनिया में उसका कुछ खो गया हो।

रोहन को लगा... दूसरी दुनिया से आई पुकार है ?