
Andha Kutta - Malgudi Days by R. K. Narayan
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Andha Kutta - Malgudi Days by R. K. Narayan - अंधा कुत्ता - मालगुडी डेज़ आर. के. नारायण
"अंधा कुत्ता' एक राह चलते कुत्ते की कहानी है जो एक अंधे भिखारी से दोस्ती करता है। उस अंधे आदमी की देखभाल करने वाली बूढ़ी औरत जब मर जाती है, तो वह आदमी कुत्ते को मारना शुरू कर देता है और उसे लेकर सड़कों पर भीख मांगने निकल पड़ता है। उसे इस बात का एहसास होता है कि इस प्रकार उसकी आमदनी बढ़ रही है। इसलिए वह और भी ज़्यादा लालची बन जाता है और अपना काम निकलवाने के लिए कुत्ते को लगातार मारता रहता है। जब मार्केट में यह बात फैलती है कि असल में वो भिखारी अब इतना अमीर बन चुका है कि दूसरों को पैसे उधार देता है, तो लोग कैंची से कुत्ते का पट्टा काट देते हैं और कुत्ता वहां से भाग जाता है। कुछ हफ़्तों बाद अंधा भिखारी और कुत्ता फिर दिखाई देते हैं। इस बार कुत्ते के गले में मेटल का पट्टा होता है। अंधा आदमी कहता है कि कुछ रातों रात उसका कुत्ता उसके पास वापस आ गया था।"
लेखक आर. के. नारायण
“ मालगुडी डेज” भारत के प्रख्यात लेखक आर.के.नारायण द्वारा रचित एक काल्पनिक शहर की कहानी है और इसी तर्ज पर कन्नड़ अभिनेता और निर्देशक शंकर नाग ने इस पर 1986 में एक टीवी सीरियल का निर्देशन भी किया, जिसे 'मालगुडी डेज़' कहते हैं। मालगुडी, दक्षिण भारत के मद्रास से कुछ घंटों की दूरी पर स्थित एक काल्पनिक गाँव है जो की आर.के.नारायण की ही कल्पना थी। यह शहर मेम्पी जंगल के पास सरयू नदी के किनारे बसा हुआ है। इस जगह की वास्तविकता के बारे में खुद आर.के.नारायण भी अनजान थे। कई लोग इसे कोइम्बतुर में मानते हैं क्योंकि वहां पर भी ऐसी ही इमारतें और घर थे।"
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