
प्रेम के रंग, होली के संग
Read by
Mridweeka
Release:
03/17/2025
Runtime:
0h 8m
Unabridged
Quantity:
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"प्रेम के रंग, होली के संग" - इस कविता में कवियित्री "नीरा क. लवओलिन" ने प्रेम के विविध रंगों को बखूबी संजोया है। होली के रंगों के साथ प्रेयसी अपने प्रेमी के हर रंग में रंगना चाहती हैI हर रंग प्रेम की एक अनोखी अनुभूति, समर्पण और मिलन की गहराइयों को दर्शाता है-चाहत की लाली, विरह की नीलिमा, समर्पण की शुद्धता और प्रेम की अनंतता।
यह सिर्फ एक कविता ही नहीं, बल्कि एक ऐसी अभिव्यक्ति है जिसमें रूह हर रंग को अपने में समाहित कर लेती है और प्रेम ही एकमात्र सच्चाई बन जाता है।
आप निश्चय ही इस कविता को पढ़कर भावविभोर हो उठेंगे और प्रेम के अलौकिक जादू में खो जाएँगे।
Release:
2025-03-17
Runtime:
0h 8m
Format:
audio
Weight:
0.0 lb
Language:
Hindi
ISBN:
9798318053269
Publisher:
INAudio
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