Thakur ka Kuan (Hindi Edition) / ठाकुर का कुआँ

Thakur ka Kuan (Hindi Edition) / ठाकुर का कुआँ


Unabridged

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मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानियों में से एक "ठाकुर का कुआँ" सामाजिक अन्याय, जातिगत भेदभाव और शोषण पर गहरी चोट करती है। यह कहानी भारतीय समाज की उस सच्चाई को उजागर करती है जहाँ निम्न वर्ग के लोगों को मूलभूत अधिकारों से भी वंचित रखा जाता है।

कहानी एक गरीब दलित महिला की है, जो अपनी बीमार पति के लिए पानी लेने के लिए ठाकुर के कुएँ तक जाने की हिम्मत जुटाती है, लेकिन ऊँच-नीच के भेदभाव के कारण उसे अमानवीय स्थितियों का सामना करना पड़ता है। प्रेमचंद अपनी सशक्त लेखनी के माध्यम से सामाजिक बुराइयों पर करारा प्रहार करते हैं और पाठकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं।

यदि आप हिंदी साहित्य और सामाजिक यथार्थ से जुड़ी मार्मिक कहानियाँ पसंद करते हैं, तो यह ऑडियोबुक आपके लिए अवश्य सुनने योग्य है।