अन्वेषण

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Unabridged

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यह आवाज श्रीमती पूनम ठाकुर की है, जो लेखक स्वर्गीय श्री अनिलचंद्र ठाकुर की धर्मपत्नी हैं। उनके पुत्र अपूर्व ने इसे रिकॉर्ड किया है, ताकि यह आवाज और उनके पिता की रचनाएँ हमेशा के लिए अमर हो जाएँ।

अन्वेषण निनाद की कहानी है, जो एक समर्पित कलाकार है और अपनी कला में पूर्णता की तलाश में है। निनाद ने अपनी कला को तीन दशकों से अधिक समय समर्पित किया है, लेकिन उसे हमेशा लगता है कि उसकी साधना अधूरी है। उसकी कला देश-विदेश में प्रशंसित होती रही है, लेकिन उसकी आत्मा में एक अज्ञात प्यास है जो उसे चैन नहीं लेने देती। निनाद का गाँव से गहरा संबंध है, जहाँ उसे अपनी कला के विषय मिलते हैं। गाँव की पगडंडियाँ, झोंपड़ियाँ, वृक्ष-पौधे, और गरीबों की जिंदगी उसकी कला के मुख्य विषय रहे हैं। लेकिन बचपन से ही उसे मलहरियावाली काकी की सूरत आकर्षित करती रही है। काकी के साथ उसका संबंध एक पहेली की तरह है, जो प्यार से ऊपर और इस धरती से परे है। काकी की सुंदरता और सादगी ने निनाद को हमेशा प्रभावित किया है। काकी की आँखों की खूबसूरती और उसकी देह की चमक निनाद के लिए एक प्रेरणा रही है। लेकिन काकी का जीवन भी कठिनाइयों से भरा रहा है। उसकी सुंदरता ही उसका दुर्भाग्य बन गई, और पति की कुंठा और कठोर अनुशासन ने उसे तोड़ दिया। निनाद की कहानी कला, प्रेम, और जीवन की जटिलताओं को बयां करती है। यह कहानी एक कलाकार की आत्मा की खोज और उसकी अधूरी साधना की यात्रा है।