{"product_id":"book-nj2p","title":"आहत स्त्री","description":"\u003cp\u003e।। आहत स्त्री ।।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eस्त्री का मन होता हैं फूल सा कोमल\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eउसके भीतर के अहसास भी होते छुईमुई से और नाजुक ।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cp\u003eक्यूं और कब,कैसे और कहां हो जाती हैं फिर वो आहत भीतर ही भीतर ।।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eकब और कैसे हो जाती हैं चोटिल उसके भाव ।।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cp\u003eसंस्कारों की खान बन चलती हैं मर्यादा का पालन करती हैं हर रीति,हर रस्म को निभाती हैं मरते दम तक ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eफिर भी,मुंह से उफ्फ तक न करती हैं ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eस्त्री,आखिर क्यूं\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eइतने विशाल हृदय के साथ जीती हैं ।।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eमैंने,\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eपढ़ी हैं तमाम जुल्मों की कहानियां\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eजो इतिहास में घटित हुई या आज भी हो रही हैं ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eस्त्री,\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eक्यों,समझी जाती हैं सजावट की कोई वस्तु ।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cp\u003eमन बहलाने का साधन ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eक्या,उसका भीतर से नही होता खुलकर जीने, हंसने का मन ।।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cp\u003eपुरातन काल हो या आज के हाल\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eस्त्री की दुर्दशा वही हैं ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eउसके जिस्म से खिलवाड़ करना समझा जाता हैं मनोरंजन का एक घटिया सा साधन\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cp\u003eक्या,हम सब भूल गए निर्भया कांड ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eया उस,जैसे जुड़े तमाम हालात ।।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cp\u003eऐसी ही एक कहानी मुझे आज मिली\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eजिसे मैं,आप सबके साथ साझा करना चाहती हूं ।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cp\u003eइसको, पढ़ने,समझने और महसूस करने के बाद\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eदिल भर गया आक्रोश से ।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eजिस्म और मस्तिष्क हो गया जल आग बबूला ।।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cp\u003eआप भी,नजर डालिए इस पर\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eऔर अपने अपने सोए ईमान को जगाइए ।\u003c\/p\u003e\u003cbr\u003e\u003cp\u003eकिसी स्त्री का बलात्कार करने के उपरांत आरा मशीन से उसे दो भागों में चीर देने की किसी घटना के बारे में आपने सुना है ? और दो भाग भी ऐसे कि उसके गुप्तांग से आरी चलाते हुए दोनों वक्ष स्थलों को दो भाग में करते हुए माथे को दो भाग में चीर देना .\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eसुना है आपने ?\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eनहीं ???\u003c\/p\u003e","brand":"Findaway World, LLC","offers":[{"title":"Audiobook","offer_id":49809161486640,"sku":"BDnj2p","price":2.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0879\/2784\/9264\/files\/734533-nj2p-Square.jpg?v=1747227865","url":"https:\/\/downpour.com\/products\/book-nj2p","provider":"Downpour","version":"1.0","type":"link"}