{"product_id":"book-fjxn","title":"चकमा - मुंशी प्रेमचंद की कहानी","description":"\u003ch1\u003eChakma - Munshi Premchand Ki Kahani\u003cstrong\u003e | \u003c\/strong\u003eचकमा - मुंशी प्रेमचंद की कहानी\u003c\/h1\u003e\u003cp\u003eसेठ चंदूमल जब अपनी दूकान और गोदाम में भरे हुए माल को देखते तो मुँह से ठंडी साँस निकल जाती। यह माल कैसे बिकेगा बैंक का सूद बढ़ रहा है दूकान का किराया चढ़ रहा है कर्मचारियों का वेतन बाकी पड़ता जाता है। ये सभी रकमें गाँठ से देनी पड़ेंगी। अगर कुछ दिन यही हाल रहा तो दिवाले के सिवा और किसी तरह जान न बचेगी। तिस पर भी धरनेवाले नित्य सिर पर शैतान की तरह सवार रहते है ।\u003c\/p\u003e\u003ch2\u003e\u003cstrong\u003eकलम के जादूगर मुंशी प्रेमचंद\u003c\/strong\u003e\u003c\/h2\u003e\u003cp\u003eकलम के जादूगर प्रेमचंद की कहानियाँ आज भी बड़े ही ध्यान और सम्मान के साथ सुनी जाती हैं। आज हम लेकर आए हैं प्रेमचंद की वो कहानियाँ जो उनके कथा संकलन 'मान सरोवर' से ली गई हैं। प्रेमचंद की कहानियाँ अपने समय की हस्ताक्षर हैं जिनमें आप तब के परिवेश और समाज को भी बखूबी समझ सकते हैं। यूं तो मुंशी जी ने अपनी कहानियाँ हिंदी में ही लिखी हैं फिर भी हमारा ये प्रयास है की उनकी कहानियाँ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे और इसलिए हमने उन्हें थोड़ी और सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। इन कहानियों को ख़ास आपके लिए तैयार किया है। तो आइए सुनते हैं प्रेमचंद की विश्व प्रसिद्ध कहानियाँ! ं।\u003c\/p\u003e","brand":"INAudio","offers":[{"title":"Audiobook","offer_id":49420094865712,"sku":"BDfjxn","price":3.99,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0879\/2784\/9264\/files\/fjxn-Square-cover.jpg?v=1773413330","url":"https:\/\/downpour.com\/products\/book-fjxn","provider":"Downpour","version":"1.0","type":"link"}